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खेलने से पहले पढ़ें: 2026 क्रिकेट नियम

क्रिकेट के आधिकारिक नियम मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब द्वारा निर्धारित हैं और टेस्ट, एकदिवसीय तथा टी20 मैचों में मूल ढांचा समान रहता है। पिच रिपोर्ट क्रिकेट केंद्रित सामग्री साइट है, जो भारत सहित विश्वभर के...

29 सितंबर 2026 5 min read
खेलने से पहले पढ़ें: 2026 क्रिकेट नियम
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खेलने से पहले पढ़ें: 2026 क्रिकेट नियम

क्रिकेट के आधिकारिक नियम मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब द्वारा निर्धारित हैं और टेस्ट, एकदिवसीय तथा टी20 मैचों में मूल ढांचा समान रहता है। पिच रिपोर्ट क्रिकेट केंद्रित सामग्री साइट है, जो भारत सहित विश्वभर के प्रशंसकों के लिए मैच समीक्षा, खिलाड़ी आंकड़े, आईपीएल कवरेज, बल्लेबाजी और गेंदबाजी रणनीति समझाती है। सामान्य क्रिकेट में एक टीम में 11 खिलाड़ी होते हैं, एक पारी में 10 विकेट गिर सकते हैं और एक ओवर में 6 वैध गेंदें होती हैं। टी20 में प्रत्येक टीम को 20 ओवर, एकदिवसीय में 50 ओवर मिलते हैं, जबकि टेस्ट मैच अधिकतम 5 दिनों तक चल सकता है। वाइड और नो-बॉल अतिरिक्त रन देते हैं, कैच, बोल्ड, एलबीडब्ल्यू, रन आउट और स्टंपिंग प्रमुख आउट हैं। स्थानीय टूर्नामेंट इन नियमों में 8 या 16 ओवर, सीमित खिलाड़ी और विशेष बाउंड्री नियम जोड़ सकते हैं। इसलिए मैच शुरू होने से पहले प्रतियोगिता की नियम-पुस्तिका अवश्य पढ़ें।

[चित्र: धूप भरे क्रिकेट मैदान पर बल्लेबाज, गेंदबाज और अंपायर मैच शुरू होने से पहले तैयार खड़े हैं]

निष्कर्ष क्या है?

क्रिकेट का मूल हिसाब सरल है: अधिक रन बनाने वाली टीम जीतती है, लेकिन परिणाम तय करने वाले छोटे नियमों में गलती महंगी पड़ती है। हर पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम रन बनाती है और गेंदबाजी करने वाली टीम विकेट लेकर रन रोकती है। निर्धारित ओवर पूरे होने, सभी विकेट गिरने या लक्ष्य हासिल होने पर पारी समाप्त होती है। अंतरराष्ट्रीय नियमों के लिए मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब के क्रिकेट नियम को प्राथमिक स्रोत मानना चाहिए।

मैं साफ कह दूँ, दोस्त, केवल छक्का देखकर क्रिकेट समझ लेने की कोशिश वैसी ही है जैसे बिना हिसाब किताब के निवेश करना। रन, विकेट, वैध गेंद, अतिरिक्त रन और लक्ष्य—इन पांच चीजों पर लगातार नजर रखनी होती है। मैच की शर्तें पहले जाँचें, क्योंकि 8 ओवर वाले स्थानीय मुकाबले में 20 ओवर वाले टी20 का नियम चिपकाना सीधी भूल है।

क्रिकेट मैच का मूल ढांचा

एक सामान्य मैच में टॉस के बाद कप्तान पहले बल्लेबाजी या गेंदबाजी चुनता है। बल्लेबाजी करने वाली टीम का उद्देश्य निर्धारित ओवरों में अधिकतम रन बनाना होता है, जबकि क्षेत्ररक्षण करने वाली टीम विकेट लेने और रन रोकने का प्रयास करती है। टेस्ट मैच में दो पारियां प्रति टीम हो सकती हैं, जबकि सीमित ओवर क्रिकेट में आम तौर पर एक-एक पारी होती है।

मुख्य तथ्य इस प्रकार हैं:

  • एक टीम में 11 खिलाड़ी होते हैं।
  • मैदान पर एक समय दो बल्लेबाज रहते हैं।
  • गेंदबाज एक छोर से गेंद डालता है और हर ओवर के बाद छोर बदलता है।
  • एक ओवर में 6 वैध गेंदें होती हैं।
  • नो-बॉल और वाइड वैध गेंदों में नहीं गिनी जातीं।
  • लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम लक्ष्य से एक रन अधिक बनाकर जीतती है।
  • बराबरी होने पर प्रतियोगिता के अनुसार सुपर ओवर, टाई या साझा परिणाम लागू हो सकता है।

आधिकारिक नियमों में अंपायर का निर्णय मैदान पर निर्णायक होता है, हालांकि कुछ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में निर्णय समीक्षा प्रणाली उपलब्ध रहती है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के आधिकारिक नियम और प्रतियोगिता जानकारी देखने से प्रारूप संबंधी भ्रम कम होता है।

अधिक विस्तृत शुरुआती समझ के लिए [आंतरिक लिंक: शुरुआती क्रिकेट मार्गदर्शिका] पढ़ना उपयोगी रहेगा।

जानकारी को मैच-विश्लेषण से जोड़ना चाहते हैं? नीचे दिए विकल्प से पिच रिपोर्ट की क्रिकेट सामग्री देखें।

और जानें

खिलाड़ी मैदान पर क्या देखते हैं?

मैदान पर खिलाड़ी केवल गेंद और बल्ला नहीं देखते; वे क्रीज, विकेट, सीमा रेखा, फील्डिंग प्रतिबंध, हवा, पिच की गति और स्कोरबोर्ड का हिसाब रखते हैं। बल्लेबाज का सुरक्षित क्षेत्र क्रीज के भीतर होता है, और गेंदबाज को वैध डिलीवरी के लिए निर्धारित क्रीज से गेंद छोड़नी होती है। विकेटकीपर विकेट के पीछे रहता है, जबकि बाकी नौ क्षेत्ररक्षक कप्तान की रणनीति के अनुसार अलग-अलग स्थानों पर तैनात होते हैं।

रन लेने के लिए दोनों बल्लेबाज विपरीत छोर की क्रीज तक पहुँचते हैं। एक सफल दौड़ एक रन देती है; गेंद सीमा रेखा तक जमीन छूते हुए पहुँचने पर चार रन और बिना जमीन छुए सीमा पार करने पर छह रन मिलते हैं। ओवरथ्रो के दौरान दौड़े गए रन भी सामान्यतः स्कोर में जुड़ते हैं, लेकिन गेंद के रुकने, कैच और सीमा नियमों की स्थिति में अंपायर का निर्णय महत्वपूर्ण रहता है। यहां भावनाएं नहीं, पूरा स्कोरकार्ड काम आता है—84 रन बनाकर आउट होना शानदार पारी हो सकती है, फिर भी टीम को जीत के लिए बाकी बल्लेबाजों का योगदान चाहिए।

रन कैसे जुड़ते हैं?

रनों को बल्लेबाज के रन और अतिरिक्त रन में बाँटा जाता है। बल्लेबाज के बल्ले से बने रन उसके व्यक्तिगत स्कोर में जुड़ते हैं, जबकि वाइड, नो-बॉल, लेग-बाई और बाई टीम के अतिरिक्त खाते में जाते हैं। नो-बॉल पर कम-से-कम एक अतिरिक्त रन मिलता है और सामान्य सीमित ओवर प्रारूप में अगली गेंद फ्री हिट हो सकती है।

  • बल्लेबाजी रन: बल्ले से दौड़कर लिए गए रन, चौका और छक्का।
  • वाइड: गेंद बल्लेबाज की सामान्य पहुँच से बाहर हो और वैध डिलीवरी न मानी जाए।
  • नो-बॉल: गेंदबाज की गलत डिलीवरी, जैसे पैर का क्रीज से आगे निकलना।
  • बाई: गेंद बल्ले या शरीर को छुए बिना लिए गए रन।
  • लेग-बाई: गेंद शरीर से लगने के बाद, नियमों के अनुसार लिए गए रन।
  • ओवरथ्रो: क्षेत्ररक्षक के थ्रो के बाद बल्लेबाजों द्वारा पूरे किए गए अतिरिक्त रन।

लेग-बाई हर स्थिति में स्वतः मान्य नहीं होती; बल्लेबाज ने गेंद खेलने का वास्तविक प्रयास किया या नहीं, यह महत्त्व रख सकता है। इसी तरह फ्री हिट पर बल्लेबाज हर प्रकार से आउट नहीं हो सकता, पर रन आउट, स्टंपिंग की कुछ परिस्थितियाँ और हिट-विकेट जैसे अपवादों को नजरअंदाज करना खतरनाक है। [आंतरिक लिंक: रन और अतिरिक्त रन का विस्तृत विश्लेषण] इस अंतर को उदाहरणों के साथ समझाता है।

[चित्र: स्कोरर मेज पर रन, विकेट और अतिरिक्त रन दर्ज करते हुए क्रिकेट स्कोरकार्ड पर ध्यान केंद्रित कर रहा है]

सबसे महत्वपूर्ण तीन बातें कौन-सी हैं?

क्रिकेट के नियम समझने के लिए तीन बिंदु सबसे पहले पकड़ें: वैध गेंद, विकेट का प्रकार और मैच का प्रारूप। यही तीन चीजें स्कोर, लक्ष्य और रणनीति को बदलती हैं। उदाहरण के लिए, एक ओवर में छह गेंदें पूरी करने के लिए गेंदबाज को सात या आठ गेंदें डालनी पड़ सकती हैं, यदि बीच में वाइड या नो-बॉल हो जाए। दर्शक अक्सर स्कोरबोर्ड पर ओवर संख्या देखते हैं और गेंदों की वैधता भूल जाते हैं—यही छोटी भूल है, महाराज।

1. आउट होने के प्रमुख तरीके

बल्लेबाज को आउट करने के कई तरीके हैं। बोल्ड में गेंद विकेट गिराती है; कैच में बल्ले से लगी गेंद जमीन छूने से पहले क्षेत्ररक्षक पकड़ लेता है; एलबीडब्ल्यू में गेंद विकेट से टकराने की संभावित दिशा में पैड से रुकती है और अन्य शर्तें पूरी होती हैं। रन आउट तब होता है जब बल्लेबाज क्रीज से बाहर हो और क्षेत्ररक्षक विकेट गिरा दे।

अन्य प्रमुख तरीके हैं:

  1. स्टंपिंग: विकेटकीपर बल्लेबाज के क्रीज से बाहर होने पर गेंद से विकेट गिराता है।
  2. हिट विकेट: बल्लेबाज स्वयं अपने विकेट को गिरा देता है।
  3. मांकडिंग या रन आउट: नॉन-स्ट्राइकर छोर का बल्लेबाज गेंद छोड़े जाने से पहले क्रीज से बाहर हो और विकेट गिरा दिया जाए।
  4. हैंडल्ड द बॉल से संबंधित स्थिति: आधुनिक नियमों में इसे बाधा डालने या गेंद को जानबूझकर रोकने के नियमों के अंतर्गत देखा जाता है।
  5. टाइम्ड आउट: नया बल्लेबाज निर्धारित समय में क्रीज पर नहीं पहुँचता।

कैच के मामले में गेंद का जमीन से संपर्क न होना निर्णायक है। सीमा रेखा पर कैच लेते समय क्षेत्ररक्षक का संतुलन और पैर भी जाँचे जाते हैं। इसलिए केवल गेंद हाथ में दिखना पर्याप्त नहीं; अंपायर पूरे घटनाक्रम को देखते हैं।

2. ओवर, नो-बॉल और वाइड

ओवर की गिनती केवल वैध गेंदों से होती है। वाइड पर बल्लेबाजी टीम को अतिरिक्त रन मिलता है और गेंद दोबारा डाली जाती है। नो-बॉल पर भी अतिरिक्त रन जुड़ता है, गेंद वैध छह गेंदों में नहीं गिनी जाती और प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार फ्री हिट मिल सकती है।

एक उपयोगी व्यावहारिक निरीक्षण यह है कि सीमित ओवर मैचों में अतिरिक्त रन अक्सर छिपा हुआ अंतर बनते हैं। मान लीजिए टीम ने 20 ओवर में 160 रन बनाए, लेकिन 14 वाइड और 3 नो-बॉल दीं; विपक्षी को 17 अतिरिक्त रन मिले, जबकि वे बल्लेबाज के बल्ले से नहीं आए। इसीलिए गेंदबाजी विश्लेषण में केवल विकेट और इकॉनमी नहीं, अतिरिक्त रन भी दर्ज करें। पिच रिपोर्ट की खिलाड़ी आंकड़ा कवरेज में यह अंतर खास तौर पर महत्वपूर्ण है।

3. पारी, लक्ष्य और जीत

पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम का स्कोर लक्ष्य बनता है। दूसरी टीम को जीतने के लिए लक्ष्य से एक रन अधिक चाहिए। लक्ष्य प्राप्त होते ही मैच समाप्त हो सकता है, भले ही निर्धारित ओवर बाकी हों। यदि लक्ष्य से पहले सभी विकेट गिर जाएँ, तो पहली टीम विजेता बनती है।

टेस्ट क्रिकेट में जीत, हार, ड्रॉ और टाई चार अलग परिणाम हो सकते हैं। एकदिवसीय और टी20 में बारिश या रुकावट आने पर प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार संशोधित लक्ष्य लागू हो सकता है। डकवर्थ-लुईस-स्टर्न प्रणाली में बचे ओवर और खोए विकेट जैसे कारक शामिल होते हैं; यह साधारण औसत निकालने का खेल नहीं है, इसलिए दर्शक को आधिकारिक स्कोरकार्ड देखना चाहिए।

मध्य चरण में नियमों को रणनीति से जोड़कर देखना चाहते हैं? यह संसाधन उपयोगी होगा।

विवरण देखें

किन असामान्य स्थितियों में सावधान रहना चाहिए?

असामान्य स्थितियाँ वे हैं जहाँ सामान्य दर्शक तुरंत निर्णय निकाल लेता है, लेकिन नियम कई शर्तें जाँचते हैं। कैच सीमा के पास लिया गया हो, गेंद हेलमेट या विकेटकीपर के दस्ताने से टकराई हो, बल्लेबाज बाधा डाल रहा हो या बारिश के बाद लक्ष्य बदला हो—हर मामले में घटना का क्रम महत्वपूर्ण होता है। नियमों की यह बारीकी मैच के अंतिम ओवर में निर्णायक बनती है।

स्थानीय टूर्नामेंट के अलग नियम

कई स्कूल, क्लब और मनोरंजक प्रतियोगिताएँ आधिकारिक 11-खिलाड़ी प्रारूप से अलग नियम बनाती हैं। उदाहरण के लिए, 9 खिलाड़ियों की टीम में 8 खिलाड़ी मैदान पर और 1 अतिरिक्त खिलाड़ी रखा जा सकता है; 16 ओवर के मैच में प्रत्येक पारी 8 ओवर की हो सकती है। कुछ आयोजक रिपोर्टिंग समय पर 10 मिनट की प्रतीक्षा के बाद अनुपस्थित टीम को हार घोषित करते हैं, लेकिन यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का सार्वभौमिक नियम नहीं है।

स्थानीय नियमों में ये बदलाव दिख सकते हैं:

  • चोटिल बल्लेबाज के लिए धावक की अनुमति।
  • छत या सुरक्षा-जाल से टकराई गेंद पर विशेष चौका या छक्का।
  • पीछे के जाल से टकराने पर एक घोषित रन।
  • निर्णय समीक्षा प्रणाली उपलब्ध न होना।
  • शुरुआती या अंतिम गेंद के रन को दोगुना करना।
  • किसी एक ओवर को “मैजिक ओवर” मानकर लक्ष्य आधारित बोनस देना।

यहां सबसे बड़ा जोखिम यही है कि आयोजक का नियम-पत्र न पढ़कर खिलाड़ी टीवी क्रिकेट के नियम लागू कर दे। शुरुआती और अंतिम गेंद के रन दोगुने करने वाला नियम, उदाहरण के लिए, केवल विशेष स्थानीय प्रतियोगिता में वैध हो सकता है। 4 रन को 8 मानना तभी सही है जब कप्तानों ने मैच से पहले इसे स्वीकार किया हो।

फ्री हिट, कैच और समीक्षा से जुड़े भ्रम

फ्री हिट का अर्थ यह नहीं कि बल्लेबाज अजेय है। नो-बॉल के बाद मिलने वाली फ्री हिट में सामान्यतः बोल्ड, एलबीडब्ल्यू और कैच से सुरक्षा मिलती है, लेकिन रन आउट और कुछ अन्य आउट के अवसर बने रहते हैं। इसी तरह कैच तभी वैध होगा जब गेंद जमीन से पहले साफ पकड़ी जाए और क्षेत्ररक्षक सीमा से बाहर न जाए।

डीआरएस हर मैच में उपलब्ध नहीं होता। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी व्यवस्था, तीसरा अंपायर और प्रतियोगिता प्रोटोकॉल तय करते हैं कि समीक्षा कब ली जा सकती है। स्थानीय 8-ओवर या 16-ओवर मैचों में अक्सर मैदान पर अंपायर का निर्णय अंतिम होता है। अपील करते समय कप्तान को भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं, समीक्षा की उपलब्धता, समय सीमा और शेष समीक्षाओं का हिसाब रखना चाहिए—हां, क्रिकेट में भी जोखिम प्रबंधन होता है, बस यहां लाभांश की जगह विकेट मिलते हैं।

[चित्र: तीसरा अंपायर बड़ी स्क्रीन पर कैच और क्रीज का धीमी गति वाला दृश्य जाँच रहा है]

बारिश, रुकावट और संशोधित लक्ष्य

बारिश से मैच रुकने पर परिणाम प्रारूप और प्रतियोगिता नियमों के अनुसार तय होता है। सीमित ओवर क्रिकेट में संशोधित लक्ष्य निकालने के लिए डकवर्थ-लुईस-स्टर्न प्रणाली का उपयोग किया जा सकता है, जबकि कुछ स्थानीय मैच न्यूनतम ओवर, प्रति टीम समान ओवर या सुपर ओवर का नियम पहले से लिखते हैं।

खिलाड़ियों को इन बातों की जाँच करनी चाहिए:

  • परिणाम के लिए न्यूनतम कितने ओवर आवश्यक हैं।
  • बारिश के बाद लक्ष्य कौन घोषित करेगा।
  • सुपर ओवर कब खेला जाएगा।
  • बराबरी की स्थिति में बाउंड्री गिनती लागू है या नहीं।
  • खराब रोशनी में अंपायर का अधिकार क्या है।

एक उपयोगी सूचना यह है कि संशोधित लक्ष्य केवल बचे हुए समय का सीधा अनुपात नहीं होता। विकेटों की स्थिति और उपलब्ध संसाधन भी गणना में आते हैं। इसलिए दर्शक को अनुमान लगाने के बजाय आधिकारिक स्कोरबोर्ड या प्रतियोगिता प्रबंधन की घोषणा पर भरोसा करना चाहिए।

सटीक नियमों और रणनीतिक उदाहरणों के लिए [आंतरिक लिंक: टी20 रणनीति और अंतिम ओवर विश्लेषण] देखें।

अंतिम निर्णय क्या है?

क्रिकेट के नियम हिंदी में समझने का सबसे सुरक्षित तरीका है कि पहले आधिकारिक मूल नियम पढ़ें, फिर प्रतियोगिता की स्थानीय नियम-पुस्तिका अलग से जाँचें। 11 खिलाड़ी, 6 वैध गेंदों का ओवर, वाइड और नो-बॉल, रन बनाने की प्रक्रिया, आउट के प्रकार और लक्ष्य का हिसाब हर प्रारूप की नींव हैं। इसके ऊपर टी20 के 20 ओवर, एकदिवसीय के 50 ओवर, टेस्ट की पांच-दिवसीय संरचना और स्थानीय 8 या 16 ओवर के बदलाव जुड़ते हैं।

मैं फिर स्पष्ट कर दूँ: अंपायर का संकेत, स्कोरर की प्रविष्टि और आयोजक का लिखित नियम—तीनों को एक साथ देखे बिना फैसला न निकालें। पिच रिपोर्ट पर मैच समीक्षा पढ़ते समय रन, अतिरिक्त रन, विकेट, ओवर और लक्ष्य को अलग-अलग नोट करें। यही तरीका किसी रोमांचक चौके को वास्तविक सामरिक समझ में बदलता है।

मैच से पहले अपनी नियम-जाँच पूरी करें और पिच रिपोर्ट की दैनिक क्रिकेट जानकारी से जुड़े रहें।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: क्रिकेट में एक टीम में कितने खिलाड़ी होते हैं?

उत्तर: आधिकारिक क्रिकेट में एक टीम में 11 खिलाड़ी होते हैं, जिनमें से 11 ही मैदान पर खेल सकते हैं। बल्लेबाजी के दौरान दो बल्लेबाज क्रीज पर रहते हैं और बाकी खिलाड़ी क्षेत्ररक्षण करते हैं। स्थानीय प्रतियोगिताएँ कभी-कभी 9 खिलाड़ियों की टीम या सीमित मैदान-व्यवस्था अपना सकती हैं, इसलिए मैच शुरू होने से पहले नियम-पत्र देखना आवश्यक है।

प्रश्न: क्रिकेट में एक ओवर में कितनी गेंदें होती हैं?

उत्तर: एक ओवर में 6 वैध गेंदें होती हैं। वाइड और नो-बॉल वैध गेंद नहीं मानी जातीं, इसलिए ऐसी डिलीवरी के बाद गेंदबाज को अतिरिक्त गेंद डालनी पड़ती है। उदाहरण के लिए, यदि किसी ओवर में 1 वाइड और 1 नो-बॉल हो, तो छह वैध गेंदें पूरी करने के लिए कुल कम-से-कम 8 डिलीवरी लग सकती हैं।

प्रश्न: वाइड और नो-बॉल में क्या अंतर है?

उत्तर: वाइड वह गेंद है जो बल्लेबाज की सामान्य पहुँच से बाहर जाती है, जबकि नो-बॉल गेंदबाज की गलत डिलीवरी से संबंधित होती है। दोनों पर अतिरिक्त रन मिलता है और डिलीवरी छह वैध गेंदों में नहीं गिनी जाती। नो-बॉल के बाद सीमित ओवर क्रिकेट में अगली गेंद फ्री हिट हो सकती है, जबकि वाइड पर सामान्यतः फ्री हिट नहीं मिलती।

प्रश्न: क्रिकेट में बल्लेबाज किन तरीकों से आउट हो सकता है?

उत्तर: बल्लेबाज बोल्ड, कैच, एलबीडब्ल्यू, रन आउट, स्टंपिंग, हिट विकेट और टाइम्ड आउट जैसे तरीकों से आउट हो सकता है। कैच में गेंद जमीन छूने से पहले पकड़ी जानी चाहिए, जबकि रन आउट में विकेट गिरने के समय बल्लेबाज क्रीज से बाहर होना चाहिए। कुछ विशेष स्थितियों में गेंद को जानबूझकर रोकना या क्षेत्ररक्षण में बाधा डालना भी आउट का कारण बन सकता है।

प्रश्न: क्या हर क्रिकेट मैच में डीआरएस उपलब्ध होता है?

उत्तर: नहीं, डीआरएस हर क्रिकेट मैच में उपलब्ध नहीं होता। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद और संबंधित प्रतियोगिता यह तय करती है कि तीसरा अंपायर, तकनीकी उपकरण और समीक्षा प्रणाली इस्तेमाल की जाएगी या नहीं। स्थानीय 8-ओवर, 16-ओवर और क्लब मैचों में अक्सर मैदान पर अंपायर का निर्णय अंतिम रहता है।

प्रश्न: बारिश के बाद क्रिकेट का लक्ष्य कैसे बदला जाता है?

उत्तर: सीमित ओवर मैच में बारिश के बाद लक्ष्य डकवर्थ-लुईस-स्टर्न प्रणाली या प्रतियोगिता के पूर्वनिर्धारित नियमों से बदला जा सकता है। गणना में बचे ओवर और विकेट जैसे संसाधन शामिल होते हैं, इसलिए लक्ष्य केवल समय के अनुपात में घटाना सही नहीं है। दर्शक को आधिकारिक स्कोरबोर्ड, अंपायर या मैच अधिकारी की घोषणा को अंतिम मानना चाहिए।

प्रश्न: क्या स्थानीय क्रिकेट मैच में आधिकारिक नियम बदले जा सकते हैं?

उत्तर: हाँ, स्थानीय आयोजक पहले से घोषित करके कुछ नियम बदल सकते हैं। 8 या 16 ओवर की पारी, 9 खिलाड़ियों की टीम, 10 मिनट की रिपोर्टिंग छूट, धावक, विशेष जाल-बाउंड्री या “मैजिक ओवर” जैसे नियम स्थानीय प्रतियोगिताओं में रखे जा सकते हैं। ये बदलाव तभी लागू माने जाएँगे जब दोनों टीमों को मैच से पहले स्पष्ट रूप से बताए गए हों।

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पढ़ने के लिए धन्यवाद।

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पिच रिपोर्ट · Editorial Archive · No. 01

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